सर्दियों में फटी एड़ियां: सही घरेलू देखभाल और डॉक्टर से मिलने का सही समय

मुख्य बातें
- सर्दियों की सूखी हवा त्वचा से नमी छीन लेती है, जिससे एड़ियां रूखी होकर फटने लगती हैं, यह भुवनेश्वर के छोटे लेकिन असरदार सर्दी के मौसम में भी आम है।
- नहाने के 5 मिनट के भीतर यूरिया-आधारित क्रीम लगाना, हल्के दबाव वाले प्यूमिस स्टोन का इस्तेमाल करना ज्यादातर सामान्य फटी एड़ियों को ठीक कर सकता है।
- सख्त झामा या धारदार ब्लेड से जोर से रगड़ना त्वचा की सुरक्षा परत को और नुकसान पहुंचा सकता है और दरारों को गहरा बना सकता है।
- अगर दरारें गहरी हों, खून बहे, या दर्द के साथ चलना मुश्किल हो, तो घरेलू उपाय जारी रखने की बजाय त्वचा विशेषज्ञ से मिलना बेहतर है।
सर्दियों में एड़ियां क्यों फटती हैं?
सर्दियों की सूखी हवा त्वचा की नमी सोख लेती है, और एड़ियों की मोटी, कम तेल-ग्रंथियों वाली त्वचा इस रूखेपन के लिए खासतौर पर संवेदनशील होती है, जिससे शुरुआती सूखापन धीरे-धीरे दरारों में बदल जाता है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, नियमित देखभाल से फटी एड़ियों को रोका और ठीक किया जा सकता है, लेकिन बिना ध्यान दिए यह समस्या हफ्तों में गहरी, दर्द भरी दरारों तक पहुंच सकती है।
सही घरेलू देखभाल क्या है?
नहाने का समय 5 से 10 मिनट तक सीमित रखें, नहाने के 5 मिनट के भीतर यूरिया, अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड या सैलिसिलिक एसिड युक्त क्रीम लगाएं, और खुली एड़ी वाली चप्पलों से बचें।
- नहाने का समय सीमित रखें। ज्यादा देर नहाने से त्वचा का प्राकृतिक तेल निकल जाता है, जिससे फटी एड़ियां और बिगड़ सकती हैं।
- सही समय पर मॉइस्चराइज़ करें। नहाने के 5 मिनट के भीतर एक मोटी क्रीम लगाना नमी को अंदर बंद कर देता है, बाद में लगाने से यह असर कम हो जाता है।
- दिन में लिक्विड बैंडेज का इस्तेमाल करें। मौजूदा दरारों पर एक सुरक्षात्मक परत दर्द कम करने और तेजी से भरने में मदद कर सकती है।
- सही जूते पहनें। खुली एड़ी वाली चप्पलें या घिसे-पुराने जूते फटी एड़ियों को और बढ़ा सकते हैं।
क्या सख्त झामा या ब्लेड से रगड़ना सही है?
नहीं। सख्त, तेज धार वाले औजारों से जोर से रगड़ना त्वचा की सुरक्षा परत को और नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे मामूली दरारें गहरी, खून बहने वाली दरारों में बदल सकती हैं, खासकर सूखे सर्दी के महीनों में।
इसके बजाय, हल्के दबाव वाला प्यूमिस स्टोन, नहाने के बाद हल्के गीले पैरों पर धीरे से इस्तेमाल करना, मृत त्वचा हटाने का ज्यादा सुरक्षित तरीका है। मकसद त्वचा को पूरी तरह हटाना नहीं, बल्कि धीरे-धीरे मोटाई कम करना है।
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर दरारें गहरी हों, खून बहे, चलने में दर्द हो, या घरेलू देखभाल के दो से तीन हफ्तों के बाद भी सुधार न दिखे, तो त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है, क्योंकि गहरी दरारों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
डायबिटीज या खराब रक्त संचार वाले लोगों के लिए फटी एड़ियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। आशु स्किन केयर में अपॉइंटमेंट बुक करें अगर घरेलू देखभाल के बाद भी एड़ियां ठीक न हों, या हमारे स्किन क्लिनिक पेज पर पूरी जानकारी देखें।
अगली सर्दी में फटी एड़ियों को कैसे रोकें?
सर्दी शुरू होने से पहले ही नियमित मॉइस्चराइज़िंग रूटीन शुरू करना, फटने का इंतजार करने से कहीं बेहतर है, क्योंकि रोकथाम इलाज से हमेशा आसान होती है।
जिन लोगों की एड़ियां हर साल फटती हैं, उनके लिए सर्दी शुरू होते ही हफ्ते में दो से तीन बार यूरिया-क्रीम रूटीन अपनाना, दरारें बनने के बाद इलाज करने से कहीं ज्यादा असरदार है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सख्त झामे से एड़ी रगड़ना सुरक्षित है?
नहीं, यह त्वचा की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचा सकता है और मामूली दरारों को गहरा बना सकता है। हल्के दबाव वाला प्यूमिस स्टोन ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
गहरी दरारों को असल में क्या ठीक करता है?
नहाने के तुरंत बाद यूरिया-आधारित क्रीम, दिन में लिक्विड बैंडेज, और सही जूते पहनना ज्यादातर दरारों को ठीक करता है। गहरी, खून बहने वाली दरारों के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
भुवनेश्वर में सर्दियों में एड़ियां ज्यादा क्यों फटती हैं?
सर्दी की सूखी हवा त्वचा से नमी छीन लेती है, और एड़ियों की मोटी त्वचा इसके लिए खासतौर पर संवेदनशील होती है, जिससे कम अवधि की सर्दी में भी दरारें बन सकती हैं।
झामे की जगह क्या इस्तेमाल करना चाहिए?
हल्के दबाव वाला प्यूमिस स्टोन, नहाने के बाद हल्के गीले पैरों पर धीरे से इस्तेमाल करना, त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना मृत त्वचा हटाने का बेहतर तरीका है।
फटी एड़ियों के लिए डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर दरारें गहरी हों, खून बहे, दर्द के साथ चलना मुश्किल हो, या घरेलू देखभाल के बाद भी सुधार न दिखे, तो त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराएं।
सार की बात
सर्दियों में फटी एड़ियां आम हैं, लेकिन इन्हें गंभीर, दर्द भरी दरारों तक पहुंचने से रोका जा सकता है। सही समय पर सही क्रीम, कम नहाने का समय, और हल्के प्यूमिस स्टोन का इस्तेमाल ज्यादातर मामलों में काफी है। सख्त झामा जैसी पारंपरिक आदतें असल में समस्या को बढ़ा सकती हैं। जब घरेलू देखभाल काफी न हो, या दरारें गहरी और दर्द भरी हों, आशु स्किन केयर सही इलाज के साथ मदद कर सकता है।
स्रोत
- How to care for dry, cracked heels · American Academy of Dermatology
- Dermatologists' top tips for relieving dry skin · American Academy of Dermatology
This article is for education only and is not a substitute for medical advice. Consult a qualified dermatologist for diagnosis and treatment.