स्ट्रेच मार्क्स हटाने का सही तरीका: कारण, डॉक्टर इलाज और बचाव

मुख्य बातें
- स्ट्रेच मार्क्स (Striae) तब बनते हैं जब वजन में तेजी से बदलाव, गर्भावस्था या बॉडीबिल्डिंग के कारण त्वचा की अंदरूनी कोलाजन परत खिंचकर टूट जाती है।
- शुरुआती गुलाबी या बैंगनी स्ट्रेच मार्क्स पर इलाज का असर सबसे तेज होता है, जबकि पुराने सफेद निशान हटाने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है।
- तेल या साधारण क्रीम केवल ऊपरी त्वचा को नमी देती हैं, वे अंदरूनी टूटे कोलाजन फाइबर को ठीक नहीं कर सकतीं।
- RF माइक्रोनीडलिंग, फ्रैक्शनल लेजर और रेटिनॉयड आधारित इलाज से स्ट्रेच मार्क्स के निशानों को काफी हद तक हल्का और सपाट बनाया जा सकता है।
स्ट्रेच मार्क्स बनने के मुख्य कारण क्या हैं?
स्ट्रेच मार्क्स तब बनते हैं जब शरीर का आकार तेजी से बढ़ता या घटता है, जिससे त्वचा की मध्य परत (डर्मिस) में मौजूद कोलाजन और इलास्टिन फाइबर खिंचकर टूट जाते हैं।
गर्भावस्था के दौरान पेट का अचानक बढ़ना, किशोरावस्था में तेजी से लंबाई बढ़ना, जिम में भारी वर्कआउट से मांसपेशियां चौड़ी होना और वजन में जल्दी बदलाव स्ट्रेच मार्क्स के मुख्य कारण हैं।
शुरुआत में ये निशान लाल, गुलाबी या बैंगनी रंग के दिखते हैं। समय के साथ जब रक्त वाहिकाएं शांत होती हैं, तो ये निशान चांदी जैसे सफेद या हल्के रंग के गड्ढों में बदल जाते हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट स्ट्रेच मार्क्स का इलाज कैसे करते हैं?
त्वचा विशेषज्ञ रेडियोफ्रीक्वेंसी (RF) माइक्रोनीडलिंग, फ्रैक्शनल CO2 लेजर, केमिकल पील और प्रिस्क्रिप्शन रेटिनॉयड क्रीम से कोलाजन का निर्माण दोबारा शुरू करते हैं।
आशु स्किन केयर में हम एडवांस लेजर और माइक्रोनीडलिंग तकनीकों से गहरे निशानों को ठीक करते हैं।
| इलाज विधि | काम करने का तरीका | नतीजे का समय |
|---|---|---|
| RF माइक्रोनीडलिंग | त्वचा के अंदर रेडियोफ्रीक्वेंसी गर्मी से कोलाजन बनाता है | 3 से 4 सेशन में सुधार |
| फ्रैक्शनल लेजर | माइक्रो-बीम से पुरानी त्वचा हटाकर नई त्वचा लाता है | 4 से 6 सेशन |
| मेडिकल पीलिंग | रंगत को समान बनाकर निशानों की गहराई घटाता है | नियमित अंतराल पर |
माइक्रोनीडलिंग तकनीक के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमारा अंग्रेजी लेख पढ़ें: RF माइक्रोनीडलिंग बनाम साधारण माइक्रोनीडलिंग। आप अपनी जांच के लिए अपॉइंटमेंट बुक करें।
क्या तेल या क्रीम से स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह हट सकते हैं?
बाजार के तेल और एंटी-स्ट्रेच मार्क क्रीम त्वचा को केवल ऊपर से मुलायम बनाते हैं, लेकिन वे डर्मिस परत के टूटे हुए कोलाजन को जोड़ नहीं सकते।
नारियल तेल, बायो-ऑयल या कोको बटर गर्भावस्था के दौरान त्वचा को नमी देकर खुजली कम करने के लिए अच्छे हैं, लेकिन पुराने पड़े सफेद स्ट्रेच मार्क्स को मिटाने के लिए डॉक्टर की क्लिनिकल थेरेपी जरूरी होती है।
स्ट्रेच मार्क्स को बढ़ने से कैसे रोकें?
वजन को अचानक बढ़ने या घटने न दें, गर्भावस्था के दौरान त्वचा पर नियमित मॉइस्चराइजर लगाएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- त्वचा को मॉइश्चराइज रखें। नहाने के तुरंत बाद शिया बटर या हयालूरोनिक एसिड युक्त लोशन पेट और जांघों पर लगाएं।
- वजन पर नियंत्रण रखें। जिम वर्कआउट या डाइट के दौरान धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से वजन घटाएं या बढ़ाएं।
- भरपूर पानी पीएं। दिन में 3 से 4 लीटर पानी पीने से त्वचा की प्राकृतिक लोच बनी रहती है।
- समय पर परामर्श लें। शुरुआती लाल निशानों पर तुरंत डॉक्टर परामर्श लें ताकि बेहतरीन नतीजे मिल सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पुराने सफेद स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह मिट सकते हैं?
पुराने सफेद स्ट्रेच मार्क्स को पूरी तरह गायब करना मुमकिन नहीं है, लेकिन RF माइक्रोनीडलिंग और लेजर से इन्हें 70 से 80 प्रतिशत तक हल्का, सपाट और त्वचा के रंग में मिलाया जा सकता है।
गर्भावस्था के बाद स्ट्रेच मार्क्स का इलाज कब शुरू करना चाहिए?
स्तनपान की अवधि समाप्त होने के बाद या डॉक्टर की सहमति मिलने पर आप 3 से 6 महीने के भीतर लेजर या माइक्रोनीडलिंग इलाज शुरू करवा सकती हैं।
क्या RF माइक्रोनीडलिंग में दर्द होता है?
प्रक्रिया से 30 मिनट पहले त्वचा पर सुन्न करने वाली क्रीम लगाई जाती है, जिससे मरीज को केवल हल्की झनझनाहट महसूस होती है और दर्द बिल्कुल नहीं होता।
सार की बात
स्ट्रेच मार्क्स शरीर के प्राकृतिक बदलावों का हिस्सा हैं और इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। तेल और घरेलू क्रीमों पर बेवजह खर्च करने के बजाय, शुरुआती समय में ही त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से लेजर या RF माइक्रोनीडलिंग करवाकर आप अपनी त्वचा को फिर से सुंदर और चिकना बना सकते हैं।
स्रोत
- Stretch marks causes and dermatological treatments · American Academy of Dermatology
- Laser resurfacing for striae distensae · MedlinePlus, U.S. National Library of Medicine
This article is for education only and is not a substitute for medical advice. Consult a qualified dermatologist for diagnosis and treatment.