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GeneralJuly 10, 2026Satrupa

बारिश के मौसम में सनस्क्रीन क्यों जरूरी है: जानिए मॉनसून स्किन केयर सीक्रेट्स

बारिश के मौसम में सनस्क्रीन क्यों जरूरी है: जानिए मॉनसून स्किन केयर सीक्रेट्स

मुख्य बातें

  • बादल छाए रहने पर भी लगभग 80 प्रतिशत हानिकारक यूवी (UV) किरणें त्वचा तक पहुँचती हैं और नुकसान करती हैं।
  • मॉनसून की उमस में जेल-बेस्ड या वॉटर-रेसिस्टेंट सनस्क्रीन लगाना चाहिए जो पोर्स को बंद नहीं करती है।
  • त्वचा में पिगमेंटेशन, टैनिंग और असमय बुढ़ापे (फाइन लाइन्स) से बचने के लिए साल के 365 दिन सनस्क्रीन जरूरी है।
  • आशु स्किन केयर भुवनेश्वर में विशेषज्ञों द्वारा आपकी स्किन टाइप के अनुसार सही धूप सुरक्षा और फेशियल ट्रीटमेंट सुझाए जाते हैं।

बारिश के मौसम में सनस्क्रीन क्यों जरूरी है?

बारिश के मौसम में भी सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) किरणें बादलों को पार कर हमारी त्वचा तक पहुँचती हैं। ये किरणें त्वचा में मेलेनिन का उत्पादन बढ़ाती हैं जिससे पिगमेंटेशन, टैनिंग और त्वचा का ढीलापन बढ़ जाता है।

कई लोग सोचते हैं कि जब धूप नहीं निकली है तो सनस्क्रीन लगाने की आवश्यकता नहीं है। यह एक बड़ी भूल है जो त्वचा को दीर्घकालिक नुकसान पहुँचाती है। बादल केवल धूप की चमक को कम करते हैं, उसके हानिकारक यूवी विकिरण को नहीं रोक पाते हैं।

  • यूवीए किरणें। ये किरणें बादलों और खिड़कियों के शीशे को आसानी से पार कर जाती हैं और असमय झुर्रियों का कारण बनती हैं।
  • यूवीबी किरणें। इनका प्रभाव बादलों में थोड़ा कम होता है, लेकिन फिर भी ये सनबर्न और त्वचा के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

क्या बादलों वाले मौसम में भी सनस्क्रीन लगाना चाहिए?

हाँ, बादलों वाले मौसम में भी सनस्क्रीन लगाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि घने बादलों के पार भी यूवी किरणें त्वचा को प्रभावित करती हैं। त्वचा की सुरक्षा के लिए मौसम चाहे जैसा भी हो, सनस्क्रीन को अपने दैनिक स्किन केयर का हिस्सा बनाएं।

यूवी इंडेक्स बादलों वाले दिनों में भी खतरनाक स्तर पर हो सकता है। यदि आप घर के अंदर हैं या कार से यात्रा कर रहे हैं, तब भी त्वचा को यूवी किरणों से बचाना आवश्यक होता है।

ओडिशा के मॉनसून और ह्यूमिड वेदर के लिए बेस्ट सनस्क्रीन कौन सी है?

ओडिशा के अत्यधिक उमस भरे मौसम के लिए ऑयल-फ्री, जेल-बेस्ड या वॉटर-रेसिस्टेंट सनस्क्रीन सबसे अच्छी होती है। यह त्वचा को चिपचिपा बनाए बिना सुरक्षा देती है और पसीने से जल्दी नहीं छूटती है।

गलत सनस्क्रीन चुनने से त्वचा के रोमछिद्र बंद हो सकते हैं, जिससे मॉनसून में मुंहासे (पिंपल्स) बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए नॉन-कॉमेडोजेनिक (जो पोर्स बंद न करे) लेबल वाली सनस्क्रीन का ही चयन करें।

  1. जेल कंसिस्टेंसी। यह त्वचा में तुरंत समा जाती है और सफेद परत (वाइट कास्ट) नहीं छोड़ती।
  2. एसपीएफ 30 या अधिक। भारतीय त्वचा और मौसम के लिए कम से कम एसपीएफ 30 और पीए+++ रेटिंग वाली सनस्क्रीन चुनें।
  3. वॉटर-रेसिस्टेंट। उमस में बार-बार पसीना आने पर भी यह त्वचा पर टिकी रहती है।

मॉनसून में त्वचा की सुरक्षा के लिए आशु स्किन केयर क्या सलाह देता है?

आशु स्किन केयर भुवनेश्वर की डर्मेटोलॉजी टीम मॉनसून में एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाने की सलाह देती है। इसके साथ ही नियमित रूप से केमिकल पील जैसे सुरक्षा उपचार भी मददगार होते हैं।

हमारे क्लिनिक में हम रोगियों की त्वचा के अनुसार कस्टमाइज्ड स्किन केयर रूटीन तैयार करते हैं। यदि आपको मॉनसून में अत्यधिक टैनिंग या ऑयली स्किन के कारण पिंपल्स हो रहे हैं, तो आप हमारे क्लिनिक में आकर संपर्क कर सकते हैं।

हम अपने रोगियों को पेशेवर केमिकल पील और स्किन रिजुविनेशन जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाकर उसे स्वस्थ और चमकदार बनाती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या घर के अंदर रहने पर भी मॉनसून में सनस्क्रीन की आवश्यकता है?

हाँ, यूवीए (UVA) किरणें खिड़कियों के शीशे को पार करके आपके घर के अंदर आ सकती हैं। इसके अलावा हमारे स्मार्टफोन, लैपटॉप और रोशनी से निकलने वाली हानिकारक किरणें भी त्वचा को नुकसान पहुँचाती हैं, इसलिए घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाना चाहिए।

मॉनसून में सनस्क्रीन को कितनी बार दोबारा लगाना चाहिए?

उमस और पसीने के कारण सनस्क्रीन त्वचा से हट सकती है। इसलिए यदि आप धूप में बाहर हैं या पसीना आ रहा है, तो हर 2 से 3 घंटे में सनस्क्रीन को दोबारा (री-अप्लाई) लगाना आवश्यक होता है।

क्या ऑयली स्किन वालों को मॉनसून में सनस्क्रीन छोड़ देनी चाहिए?

बिल्कुल नहीं, सनस्क्रीन छोड़ना ऑयली स्किन को और नुकसान पहुँचा सकता है। ऑयली स्किन वालों को भारी क्रीम वाली सनस्क्रीन के बजाय लाइटवेट, ऑयल-फ्री और मैटिफाइंग जेल सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए।

सार की बात

ओडिशा के मॉनसून और उमस भरे मौसम में त्वचा की देखभाल के लिए सनस्क्रीन सबसे महत्वपूर्ण कवच है। आशु स्किन केयर भुवनेश्वर में हम आपकी त्वचा के प्रकार के अनुसार सही सनस्क्रीन और स्किन केयर रूटीन निर्धारित करने में मदद करते हैं। आज ही मुफ्त परामर्श बुक करें और अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए सही क्लिनिकल परामर्श प्राप्त करें।

स्रोत

  1. Skin Cancer Foundation
  2. American Academy of Dermatology Association

This article is for education only and is not a substitute for medical advice. Consult a qualified dermatologist for diagnosis and treatment.

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